‘आखिर वो दिन आ ही गया…’ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव से ठीक पहले शशि थरूर ने मांगा समर्थन – Congress President election candidate Shashi Tharoor asked delegates Have made last appeal and vote ntc


कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उम्मीदवार शशि थरूर ने वोटिंग से ठीक पहले डेलिगेट्स से आखिरी अपील की है. थरूर ने कहा कि मैं पार्टी में विकेंद्रीकरण, आधुनिकीकरण और उसे अधिक समावेशी बनाने का सपना देखता हूं. हालांकि, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे लिए बदलाव का मतलब है कि पुराने अनुभव और नई ऊर्जा को साथ लेकर चलना. हमारे मूल्य और हमारी वफादारी वही रहेगी, सिर्फ हमारा लक्ष्य प्राप्ति का तरीका बदलेगा.

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में सोमवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा और शाम 4 बजे खत्म होगा. इसमें कांग्रेस डेलिगेट्स वोट कर सकेंगे. 19 अक्टूबर को मतगणना होगी. कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी, AICC महासचिव, राज्य प्रभारी, सचिव और संयुक्त सचिवों के साथ सुबह 24 अकबर रोड यानी कांग्रेस हेडक्वॉर्टर में वोट डालेंगे. कांग्रेस मुख्यालय के साथ-साथ देशभर में मौजूद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तरों में वोटिंग होगी. 

शशि थरूर ने रविवार शाम एक वीडियो संदेश जारी किया, इसमें उन्होंने कैप्शन दिया- मेरी आखिरी अपीलः  #ThinkTomorrowThinkTharoor. जानिए क्या कहा शशि थरूर ने…

आपके मन में परिवर्तन को लेकर शंका है?

‘आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिसका हम सभी को इंतजार था. कल सुबह आप लोग एक ऐतिहासिक काम करने वाले हैं. एक वफादार कांग्रेसी के रूप में आपके पास जिंदगी में पहली बार एक मौका होगा, जब आप अपनी पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में मतदान करेंगे. उम्मीद करता हूं कि आपने मेरे 10 सूत्रीय मेनिफेस्टो के बारे में जान लिया होगा. आप लोग जानते हैं कि मैं पार्टी में विकेंद्रीकरण, आधुनिकीकरण और उसे अधिक समावेशी बनाने का सपना देखता हूं. पिछले कुछ दिनों में हमारे बीच हुई बातचीत से मुझे पता चला है कि आप में से कुछ लोगों ने अभी भी अपना फैसला नहीं लिया है. मैं जानता हूं कि विकेंद्रीकरण, समावेशी और आधुनिकीकरण का मेरा संदेश आपको पसंद तो आए होंगे, लेकिन अभी भी आपके मन में परिवर्तन को लेकर शंका है. कांग्रेस पार्टी जैसे विशाल संगठन में परिवर्तन के बारे में चिंता या शंका का होना स्वभाविक है. इसलिए मैं आज इस विषय पर सीधी बात करना चाहता हूं.’

परिवर्तन को अपनाना मुश्किल है

‘जैसे कि मैं देख रहा हूं, कांग्रेस पार्टी भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में इसलिए टिकी हुई है, क्योंकि जब-जब समय और स्थिति ने मांग की, कांग्रेस पार्टी परिवर्तन को अपनाने के लिए तैयार थी. 1991 में हमने एक नई आर्थिक प्रणाली को अपनाया, 60 और 70 के दशक में हमने हरित क्रांति को अपनाया और 1984 में कठिन परिस्थितियों में अपनी पार्टी के बड़े नेता को खोने के बाद, हमने राजीव गांधी के रूप में लाए गए पीढ़ीगत परिवर्तन को अपनाया. कई लोगों ने महसूस किया होगा कि इनमें से प्रत्येक उदाहरण में परिवर्तन की वजह से ही पार्टी मजबूत बनी रही. परिवर्तन आसान नहीं है. परिवर्तन को अपनाना मुश्किल है. फिर भी ठीक इन्हीं परिवर्तनों ने पार्टी को मजबूत बनाए रखा. आप में से कई लोग बोलेंगे कि नया अपनाने से क्या हमें पुराना छोड़ना पड़ेगा? मगर, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे लिए बदलाव का मतलब है कि पुराने अनुभव और नई ऊर्जा को साथ लेकर चलना.’

परिणाम कुछ भी हो…

‘हमारे मूल्य और हमारी वफादारी वही रहेगी, सिर्फ हमारा लक्ष्य प्राप्ति का तरीका बदलेगा. आखिर में ये बदलाव लाने के लिए जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, वो है ‘साहस’. आज मायने ये नहीं रखता कि अध्यक्ष कौन बनता है, बल्कि ये मायने रखता है कि क्या कांग्रेस पार्टी और कार्यकर्ताओं में बदलाव को अपनाने का साहस है. परिणाम कुछ भी हो, मेरा मानना है कि मेरे लिए हर वोट ना केवल पार्टी को, बल्कि देश को संकेत देता है कि कांग्रेस पार्टी बदलने के लिए तैयार है और खुद को फिर से मजबूत करने और विभाजनकारी ताकतों से निपटने के लिए जो भी करने की जरूरत है, कार्यकर्ता वह सब करने के लिए तैयार है.’

अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए बदलाव के लिए मतदान कीजिए

‘पार्टी का हर कार्यकर्ता और इस देश का हर नागरिक आपके जवाब का इंतजार कर रहा है. मैं बहुत आशावादी हूं. क्योंकि मेरा मानना है कि कांग्रेस पार्टी के मूल में साहस है. कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता साहसी है. हमारे पूर्वज अंग्रेजों से लड़े. बाहर से आने वाले आक्रमणकारियों से लड़े. विभाजनकारी ताकतों से लड़े और जीत गए. वह जीत पाए, क्योंकि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता साहसी थे और मेरा मानना है कि साहस की वह विरासत आज भी आप में और हर एक में जिंदा है. कल जब आप गुप्त मतदान के लिए उस बूथ पर खड़े होंगे तो वहां यही साहस दिखाते हुए और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए बदलाव के लिए मतदान कीजिए. मुझे उम्मीद है कि आप ना केवल अपने वोट का, बल्कि अपने साहस की विरासत का भी इस्तेमाल करेंगे. मुझे आशा है कि आप सब यह धर्म बखूबी निभाएंगे. जय हिंद, जय कांग्रेस.’

चुनाव में 36 पोलिंग स्टेशन, 67 बूथ

कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी (CEA) के सदस्य ने बताया कि चुनाव में 36 पोलिंग स्टेशन, 67 बूथ होंगे. इसमें से 6 बूथ यूपी में होंगे. कहा गया है कि 200 वोट्स के लिए एक बूथ बनाया गया है. वहीं, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल राहुल गांधी समेत करीब 47 लोग कर्नाटक के बेल्लारी में वोटिंग करेंगे. यह कैंप स्थल पर अलग से बूथ बनाया जाएगा.

 



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