‘मिस्टर नटवरलाल’ बनाने वाले राकेश कुमार के निधन पर अमिताभ बच्चन हुए भावुक, लिखा, ‘एक के बाद एक सब चले जा रहे हैं’ – amitabh bachchan gets emotional on mr natwarlal director rakesh kumar cant see him inert tmovs


हिंदी फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन के करियर में ‘खून पसीना’ ‘दो और दो पांच’ और ‘याराना’, बहुत आइकॉनिक और यादगार फिल्में हैं. शनिवार को खबर आई कि इन फिल्मों पर अमिताभ के साथ काम करने वाले फिल्ममेकर राकेश कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे. लबे समय से कैंसर से लड़ रहे राकेश कुमार ने 10 नवंबर को इस संसार को अलविदा कह दिया. 

उनके निधन के बाद बॉलीवुड के कई जाने माने काकर शोक में नजर आए. जहां कई एक्टर्स और फिल्म टेक्नीशियन सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते दिखे, वहीं बॉलीवुड के लिविंग लेजेंड अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में, अपने एक बिछड़ चुके साथी को याद किया. बेहद इमोशनल ब्लॉग पोस्ट में बच्चन साहब बहुत दुखी लगे और उन्होंने लिखा कि एक के बाद एक उनके कई साथी संसार से विदा लेते जा रहे हैं.

राकेश कुमार और अमिताभ का रिश्ता था बहुत पुराना 
देर रात लिखे इस ब्लॉग में 12 का दिन खत्म होने से ठीक पहले पोस्ट लिख लेने की बात करते हुए अमिताभ ने लिखा, ‘उफ्फ… 12 तारीख के लिए सही टाइम पर आ गया, 13 का थपेड़ा लगने से पहले… हालांकि ये होने ही वाला था… बस एक ही मिनट बाकी है, वरना दिन बुरा हो जाता. लेकिन दिन बुरा रहा… एक और साथी के जो आज हमें छोड़ गया, खास कर मुझे.’ अमिताभ ने इसके बाद बताया कि राकेश कुमार के साथ उनका रिश्ता फिल्म ‘जंजीर’ (1973) के समय से रहा, जब वो डायरेक्टर प्रकाश मेहरा के असिस्टेंट डायरेक्टर थे. और दोनों का ये रिश्ता इवेंट्स और साल दर साल होली सेलिब्रेट करने तक गर्मजोशी भरा बना रहा.  

उन्होंने आगे लिखा, ‘एक के बाद एक सब चले जा रहे हैं. लेकिन राकेश जैसे कुछ लोग अपना ऐसा निशान छोड़ जाते हैं जिसे हटाना या भुलाना मुश्किल होता है. उनका डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले का सेन्स, एक मोमेंट में ही कुछ लिखना और उसे क्रिएट कर देना और नट्टू (मिस्टर नटवरलाल) और याराना के सेट्स पर मजेदार समय.. अपनी वैल्यू में उनका पूरा विश्वास… और वो आसानी जिससे वो हमें बीच-बीच में शूट छोड़कर, रिलैक्स करने के लिए, मौज मस्ती करने के लिए और बेरोकटोक हंसी और खुशमिजाजी के लिए. एक बेहद मिलनसार और नरम दिल आदमी, जो अपने साथ काम कर रहे आर्टिस्ट की किसी भी मुश्किल के लिए तुरंत खड़ा होता था.’

अपने साथी की अंतिम प्रार्थना में नहीं शामिल होंगे अमिताभ 
बच्चन साहब ने आगे कहा कि वो रविवार, 13 नवंबर को राकेश कुमार की अंतिम प्रार्थना में शामिल नहीं हो पाएंगे और उसके पीछे उन्होंने बहुत भावुक वजह बताई. उन्होंने लिखा, ‘नहीं, उसके अंतिम संस्कार में जाने में मुझे संकोच होगा… क्योंकि मैं एक जड़ राकेश को नहीं देख पाऊंगा! आपने स्टोरी और फिल्म के लिए अपने इनोवेटिव आईडिया से से हम में से कईयों को बड़ा बनाया राकेश, और आप हमेशा याद किए जाएंगे.’ 

अपना ब्लॉग खत्म करते हुए अमिताभ ने लिखा कि जिंदगी कैसे दुखों के बावजूद आपको उठ खड़े होने के लिए कहती है. उन्होंने कहा, ‘ये उदास खबर कई और प्रिय लोगों तक भी पहुंची है. लेकिन जिंदगी हर घंटे चैलेंज करती है और आप फिर खड़े होते हैं, घायल और टूटे हुए, चोटों को भुलाकर फिर से चलते हैं, फिर थोड़ी गति बढ़ाते हैं और आखिरकार दौड़ने लगते हैं !!’

 



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