एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर गुलेरिया ने कोरोना के नए वैरिएंट्स को लेकर दी ये चेतावनी! – Omicron covid 19 new variant in India Ex AIIMS director Dr Randeep Guleria precautions against new Omicron variants tlifm


Corona cases in India: देश में फिर कोरोना के मामलों में बढ़त देखने को मिली है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देश में 1946 नए मामले सामने आए हैं. महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मणिपुर और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं. हाल ही में महाराष्ट्र में कोरोना के नए XBB वैरिएंट के 18 मामले भी देखने मिले हैं. इसको देखते हुए वहां पर ए़डवाइजरी जारी की गई है.

ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BF.7 और BA.5.1.7 ने भी भारत में एंट्री ली है जिसके बारे में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर द्वारा जानकारी दी गई थी. दिल्ली एम्स के पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने तेजी से फैल रहे ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट के खिलाफ चेतावनी दी है.

क्या चेतावनी दी

दिल्ली एम्स के पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, “नए वैरिएंट की प्रकृति म्यूटेट होने वाली है. कोरोना के इस तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट को फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है. हालांकि पहले कोई वैक्सीन नहीं थी लेकिन अभी अधिकतर लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका था इसलिए लोगों ने वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी पैदा कर ली है.”

इन लोगों में फैल सकता है संक्रमण

एम्स के पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने आगे कहा, “सभी लोगों को इस वायरस से बचने के लिए मास्क लगाना ही चाहिए. इससे बुजुर्गों और किसी बीमारी के जोखिम वाले लोगों में यह वायरस फैलने से रुक जाएगा. अगर आप बाहर जा रहे हैं और खासकर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर तो आपको मास्क आवश्यक रूप से पहनना चाहिए. जिन लोगों को किसी बीमारी का खतरा है उन्हें और बुजुर्ग लोगों को बाहर जाने से बचना चाहिए क्योंकि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण फैलने की संभावना अधिक होती है लेकिन हां यह कहा जा सकता है फिलहाल अस्पताल और आईसीयू में भर्ती होने की संभावना कम है.”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की बैठक

देश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी मंगलवार को एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे भारत में मास्क और कोविड गाइड लाइन को फॉलो कराया जाए. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निगरानी और रणनीति बनाने के प्रभावी तरीके को फॉलो कराने और नए वैरिएंट का जल्द पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग को मजबूत करने का ऑर्डर दिया.

मंगलवार को ही भारत में कोविड-19 के BQ.1 वैरिएंट का पहला मामला महाराष्ट्र में मिला. यह ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट में से ही एक है जो देश में संक्रमण की तीसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जाता था. यह काफी तेजी से फैलता है. महाराष्ट्र ने भारत में XBB वैरिएंट का भी पहला मामला दर्ज किया गया है. 



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